Tuesday, November 3, 2009

देखा अपने आपको मेरा दिल दीवाना हो गया।

देखा अपने आपको मेरा दिल दीवाना हो गया।

ना छेड़ो यारों मुझे मैं खुद पे मस्ताना हो गया।।

लाखों सूरज और चन्द्रमा कुरबान है मेरे हुस्नपे।

अदभुत छबी को देखके, कहने में शरमा गया।।

देखा.....

अब खुदी से जाहिर है, हम ईशक कफनी पहन के।

सत रंग से चोला रंगा, दीदार अपना पा गया।।

देखा....

अब दिखता नहीं कोई मुझे, दुनिया में मेरे ही सिवा

दुई का दफ्तर फटा, सारा भरम विला गया।।

देखा.....

अचल राम खुद बेखुद है, मेहबूब मुझसे न जुदा।

निज नूर में भरपूर हो, अपने आप समा गया।।

देखा....

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