Friday, September 18, 2009

जगमग-जगमग ज्योत जले मेरे बापू के दरबार में |

जगमग-जगमग ज्योत जले मेरे बापू के दरबार में |
आओ रे भक्तों भक्ति कर लो बापू के दरबार में ||
जगमग-जगमग ज्योत जले मेरे बापू के दरबार में

निस दिन तेरा नाम पुकारें, निस दिन तेरी ज्योत जलावें |
आओ रे भक्तों भक्ति कर लो बापू के दरबार में ||
जगमग-जगमग ज्योत जले मेरे बापू के दरबार में

ऐसी अंतर ज्योत जलवो, हम दीनों को पार लगा दो -२
आओ रे भक्तों भक्ति कर लो बापू के दरबार में ||
जगमग-जगमग ज्योत जले मेरे बापू के दरबार में

जिसने बापू का नाम पुकारा, दूर हुआ उसका अंधियारा |
आओ रे भक्तों भक्ति कर लो बापू के दरबार में ||
जगमग-जगमग ज्योत जले मेरे बापू के दरबार में -२

जगमग-जगमग ज्योत जले मेरे बापू के दरबार में -२ |
मेरे बापू के दरबार में, मेरे साईं के दरबार में ||

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